कहानी इश्क़ की

ये कौन सी बात है??

हमें पहले ही पता था कि 
तुम हो ही नहीं मेरे । 
फिर आयी ही क्यूं इतने करीब तुम मेरे । 
बात गर नाराज़गी की होती 
तो हम माफ़ भी कर देते । 
दिल पर गहरा ज़ख़्म करके 
यूं पतझड़ सा न बनते । 
माना इश्क़ तुमसे किया हमने 
ये तो जमाने की बात है । 
तुम तरस भी न खाओ ये कौन सी बात है ? ,,,,,,,

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